नमस्कार दोस्तों, दोस्तों, हमारा आसमान रहस्यों से भरा है। जिस तरह धरती में जीवों का जन्म और अंत निश्चित है उसी तरह आसमान में चमकने वाले हर तारों और ग्रहों का भी एक निश्चित उम्र निर्धारित है। धरती पर मौजूद जीवों की तरह सबका अंत निर्धारित है। आसमान में जब किसी तारे का अंत हो जाता है तो उसमे एक जबरदस्त विस्फोट होता है और इस विस्फोट के साथ वह अपनी सारी ऊर्जा यूनिवर्स में बिखेर देती है। जब इसी प्रकार के किसी टूटे हुए तारे या किसी छुद्र गृह के टुकड़े हमारे वायुमंडल में प्रवेश करते हैं तो वायुमंडल के साथ जबरदस्त घर्षण से वह उल्का पिंड गर्म होकर तेज़ रौशनी से चमकने लगता है जो की रात में धरती से आसमान में देखने पर बहोत ही सुन्दर दिखाई पड़ता है। जिसे हम उल्का शावर भी कहते हैं. इसी प्रकार का एक नज़ारा आज रात को भी दिखाई देने वाला है। आज 13 -14 दिसंबर की रात आसमान जमीनेड उल्का शावर की रंगीन चमकदार रौशनी से जगमगा उठेगा। इस उल्कापात को आसमान में स्पष्ट रूप से देखा जाने वाला 2018 का सबसे बेहतरीन उल्का शावर माना जा रहा है। इसे धरती के दोनों गोलार्धों से देखा जा सकता है। हालांकि यह...