डेटा स्टोर करने की पारम्परिक पद्धतियों की छमताएँ काफी सीमित है जबकि ब्लॉकचैन की छमताएँ असीमीत। अगर किसी हैकर ने किसी स्टोरेज ऑथॉरटी की साइट हैक कर डाटा में कुछ फेरबदल कर दिया या डाटा नष्ट कर दिया तो उस डाटा पर निर्भर रहने वाले सारे काम काज पूरी तरह से ठप्प हो जाएंगे। ऐसी घटना कुछ बड़े स्तर पर आई प्राकृतिक आपदा की वजह से भी हो सकता है पर ब्लॉकचैन इन समस्याओं से पूरी तरह से सुरक्षित है। पिछले पांच नवंबर को पहली बार रिलायंस कंपनी को ब्लॉकचैन के माध्यम से पेमेंट किया गया। वैसे अभी भारत में ब्लॉकचेन पर आधारित वर्चुअल करंसीज पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध है, पर फिर भी इस तकनीक में कई उद्योगों में बड़े बदलाव की छमता है। आइये जानते हैं की ब्लॉकचैन क्या है, इसमें निवेश करना कितना सुरक्षित है और इसका भविष्य क्या हो सकता है. ईशा अंबानी की प्री-वेडिंग सेरेमनी में रैंप वॉक करेंगे मेहमान, लंच में परोसी जाएंगी 400 डिश क्या ब्लॉकचेन का बिटकॉइन से कुछ लेना-देना है? जब बिटकॉइन की शुरुआत हुई तो ब्लॉकचैन का ही उपयोग बिटकॉइन के सभी लेनदेन को स्टोर करने...