चक्रवाती तूफान फनी के पूर्वी तक की और मुड़ने के कारन ओडिशा के समुद्री तटों के किनारे बेस 11 लाख लोगों को एहतियात के तौर पर तटों से सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। यह भारत का पहला सबसे बड़ा आपदा पूर्व किया जाने वाला अभियान है। शुक्रवार को ओडिशा में भारी तबाही मचने और आठ लोगों की जान लेने के बाद शनिवार को यह तूफान पश्चिम बंगाल पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल पहुंचने से पहले तूफान की प्रचंडता में कमी देखी गई। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है की 50 -60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार और तेज दबाव के साथ यह दोपहर बाद तक बांग्लादेश पहुंच जायेगा। हालांकि ओडिशा से पश्चिम बंगाल पहुंचने के दौरान तूफान की तीव्रता में कमी आनी शुरू हो गई थी। ममता बनर्जी ने कहा की राहत दल सक्रिय हैं और अगले दो दिनों में ओडिशा का जन जीवन सामान्य हो जाएगा। कोलकाता हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह 9 बजकर 57 मिनट पर विमानों का परिचालन पुनः शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने तूफान से पहले की सारी तैयारी कर ली थी : ममता बनर्जी तूफान की प्रचंडता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से 42000 लोगों क...