नमस्कार दोस्तों,
रायपुर : छत्तीसगढ़ में 15 सालों तक सत्ता विहीन रहने के बाद, 15 वर्ष बाद मिले पूर्ण महूमत से कांग्रेस पार्टी का आत्मविश्वास चरम पर है। पर यह जनता के लिए गर्व की बात है की जित की खुसी में कांग्रेस मोदी सरकार की तरह अपना वादा नहीं भूली। कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव से पूर्व छत्तीसगढ़ की जनता से यह वादा किया था की यदि उनकी सरकार बनती है तो वे सत्ता में आते ही सबसे पहले छत्तीसगढ़ के किसानों की क़र्ज़ माफ़ी के लिए कार्य करेंगे।
जानकारी मिल रही है की छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत से जीत मिलने के बाद राज्य शासन के अधिकारियों ने किसानों की कर्ज माफी की तैयारियां शुरू कर दी हैं. राज्य सरकार के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार सहकारिता विभाग के उप सचिव श्री पीएस सर्पराज ने संचालक, संस्थागत वित्त संयोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी और प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक को एक पत्र लिखकर किसानों की ऋण माफी योजना को लागू करने के लिए सभी अहम जानकारी मांगी है.
पत्र में लिखा गया है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई है. इस घोषणा की पूर्ति के लिए किसानों की ऋण माफी योजना तैयार किया जाना है. अधिकारियों से कहा गया है कि उनके अधीन कार्यरत बैंकों द्वारा किसानों को वितरित कृषि ऋण और बकाया राशि की पूरी जानकारी 30 नवंबर की स्थिति के अनुसार उपलब्ध करने की मांग की है।
पत्र में लिखा गया है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई है. इस घोषणा की पूर्ति के लिए किसानों की ऋण माफी योजना तैयार किया जाना है. अधिकारियों से कहा गया है कि उनके अधीन कार्यरत बैंकों द्वारा किसानों को वितरित कृषि ऋण और बकाया राशि की पूरी जानकारी 30 नवंबर की स्थिति के अनुसार उपलब्ध करने की मांग की है।
राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपनी सरकार बनने पर किसानों का ऋण माफ किए जाने का वादा किया था. वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. कांग्रेस ने इसके साथ ही धान का समर्थन मूल्य 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल करने का भी वादा किया था।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से कांग्रेस ने 68 सीटों पर पूर्ण बहुमत से जीत हासिल की है जबकि भारतीय जनता पार्टी को केवल 15 सीटों पर जीत मिली है. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ को पांच सीटें तथा बहुजन समाज पार्टी को केवल दो ही सीटों पर जीत हासिल हुई है। राज्य में 15 वर्षों के बाद कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में आ रही है.
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