नमस्कार दोस्तों,भारतीय खिलाडी ऋषभ पंत ने सिडनी मैच को लेकर मीडिया से हुई बातचीत में बताया की उन्होंने भी 'नर्वस नाइंटी सिंड्रोम' का सामना किया, पर दूसरे छोर पर रविंद्र जडेजा ने खेल को सम्हाल रखा था जिससे मुझे इससे पहले के मैचों की तुलना में खुलकर खेलने में काफी मदद मिली। ऑस्ट्रेलिया की पीच पर शतक जड़ने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बने ऋषभ पंत ने रवींद्र जडेजा के साथ सातवें विकेट के लिए 204 रनों की साझेदारी की। जब उनसे पूछा गया की इससे पूर्व के मैचों में 20 और 30 के स्कोर पर आउट होने के बाद उन्होंने क्या बदलाव किया तो उन्होंने बताया कि 'मैंने कुछ बदलाव नहीं किया। सबसे अहम् बात मेरे लिए यह था कि इस बार दूसरे छोर पर एक बल्लेबाज़ था। आम तौर पर जब मैं क्रीज़ पर आता हूँ तो मेरे सामने कोई बल्लेबाज़ नहीं होता।'
ऋषभ पंत ने कहा,‘ जब मैं पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ खेलता हूं, तो अलग तरह से बल्लेबाजी करनी पड़ती है और मुझे रन बनाने होते हैं. पर एक बल्लेबाज के साथ खेलने पर एक अलग बात होती है, जो आज आपने देखी.’ उन्होंने यह भी कहा कि टीम प्रबंधन की ओर से खुलकर खेलने की आजादी मिलने से भी मुझे काफी मदद मिली।
उन्होंने आगे कहा की मैं इस लिए अच्छी बल्लेबाज़ी कर पाया क्योंकि मेरी टीम ने मुझे खुलकर खेलने की आजादी दी। जब भी मैं बल्लेबाज़ी के लिए उतरता हूँ तो मेरी यह कोशिश रहती है की मैं बल्लेबाज़ी का पूरा मज़ा लून और खुलकर खेलूं। पंत ने आगे बताया की खेलते वक़्त वेस्टइंडीज के खिलाफ 90 के स्कोर पर आउट होना मुझे याद था। मैं नर्वस था क्योंकि भारत की वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछली दो पारियों में मैं 92 के पार पहुंचकर शतक से पहले ही आउट हुआ था। इस याद से मैं डरा हुआ था पर अब वह दौर बीत चूका है।
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